नेता और प्रशासनिक अधिकारी भी चुप्पी साधकर बैठे हैं।
खेरी की वृंदावन कॉलोनी 3 दिन से छाया अंधेरा! बिजली विभाग की मनमानी के खिलाफ फूटा लोगों का गुस्सा, जमकर की नारेबाजी।

इछावर एमपी विश्वास न्यूज, राजेश माँझी
इछावर।इछावर तहसील के ग्राम खेरी की वृंदावन कॉलोनी में पिछले तीन दिनों से अंधेरा छाया हुआ है। बता दे की लाइनमैन ने ट्रांसफार्मर पर कुछ लोगों का बिजली बकाया होने के कारण सभी लोगों की लाइन काट दी हैं। जैसे जो नियमित बिजली बिल जमा कर रहे हैं ऐसे उपभोक्ताओं को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस गांव के ट्रांसफार्मर पर सबसे अधिक बकाया है उसकी बिजली क्यों नहीं काटी जा रही हैं और जिस पर सबसे कम बिजली बकाया है उसे ट्रांसफार्मर की बिजली की कटौती की जा रही है। जिससे ग्रामीण का बिजली विभाग के प्रति गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीण फीडर से संचालित गांव में बिजली की मनमानी कटौती को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस भीषण गर्मी में बिजली की पिछले तीन दिनों से बंद होने से लोग परेशान है। पानी की समस्या को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। जबकि अधिकांश गांवों में गेहूं की कटाई होने के बाद भी कटौती से निजात नहीं मिल रही है। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों की मनमानी रैवया को लेकर आन्दोलन की चेतावनी दी है।
ग्रामीण बोले भेदभाव कर रहा है बिजली विभाग।
ग्राम खेरी की वृंदावन कॉलोनी के ग्रामीण पप्पू सिंह, कमल सिंह, महेश वर्मा, रमेश चंद्र का कहना है कि नियमित बिल जमा करने के बावजूद भी कॉलोनी के ट्रांसफार्मर की बिजली काटी गई हैं। जो व्यक्ति हर माह समय पर बिजली बिल जमा कर रहे हैं। उनको भी बिजली नहीं मिल पा रही है। साथ ही सबसे ज्यादा बकाया गांव में स्थित ट्रांसफार्मर पर है लेकिन उसकी बिजली अभी तक नहीं काटी गई। ऐसा भेदभाव बिजली विभाग के कर्मचारी ग्रामीणों के साथ क्यों कर रहे हैं।
विद्युत विभाग के अधिकारियों लापरवाही और मनमानी बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन रही है। मनमाने बिजली के बिल देना तो आम बात हो गई है। बिना बिजली के उपयोग किए लोगों को भी हजारों रुपए के बिल थमा दिए गए हैं। इतना ही नहीं बिलों को भुगतान करने के लिए ग्रामीणों पर दबाव भी बनाया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र के घरेलू उपभोक्ताओं ने विभाग पर लूट करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि विभाग के अधिकारी कोई सुनवाई भी नहीं करते। और कर्मचारी सुधार कार्य नहीं कर रहे हैं। इस तरह की समस्या एक नहीं दो नहीं सभी गावों की है। अशीष वर्मा, कमल सिंह वर्मा, सुंदर लाल वर्मा आदि घरेलू बिजली उपभोक्ताओं ने कहा की ना तो हमारी समस्याओं का निपटारा हो रहा ना ही रीडिंग। फिर भी मनमाने बिजली बिल देकर उनके साथ लूट की जा रही है। नेता और प्रशासनिक अधिकारी भी चुप्पी साधकर बैठे हैं।
अधिकारी नहीं उठाते हैं फोन।
इस संबंध में ब्रिजिशनगर जेई मेवालाल चौहान से संबंध में जानकारी लेनी चाहिए तो उन्होंने फोन ही रिसीव नहीं किया।
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