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श्रमिक विरोधी कानूनों के विरोध में लाल झंडे लहराकर,मजदूरों और सीटू कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी

मजदूरों के लिए तो कभी कैंप नहीं लगाता है प्रशासन, मजदूरी तय करती है पर लागू करने से डरती है सरकार

संयुक्त मजदूर एकता यूनियन सीटू और अखिल भारतीय किसान महासभा ने संयुक्त रूप से मनाया श्रमिक दिवस

सीहोर, एमपी विश्वास न्यूज

सीहोर। बालबिहार मैदान में गुरूवार को असंगठित मजदूरों के मध्य संयुक्त मजदूर एकता यूनियन सीटू और अखिल भारतीय किसान महासभा के द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित श्रमिक दिवस कार्यक्रम के दौरान मजदूरों के हितों और केंद्र व राज्य सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के विरोध में लाल झंडे लहराकर मजदूरों सीटू कार्यकर्ताओं के द्वारा जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के दौरान आगामी 20 मई मंगलवार को मजदूरों के हित में देशव्यापी आम हड़ताल का आव्हान भी मजदूर नेताओं के द्वारा किया गया।

संयुक्त किसान मजदूर मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष प्रहलाद दास बैरागी ने मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि श्रमिक हितैशी कानूनों में पूँजी के गिद्ध मुनाफे के भेडिय़े अपनी ताकत के बल पर केंद्र और राज्य सरकारों से संशोधन करा रहे है। मजदूरों के लिए तो कभी शासन प्रशासन मजदूर हित में कैंप नहीं लगाता है। श्रमिकों के लिए तय काम का वक्त 8 घंटे पूंजीपतियों को कम पड़ रहा है। श्रम को 12 से 18 घंटे किए जाने पर नीति बनाई जा रही है। सरकार भी श्रमिकों की मजदूरी तो तय करती है लेकिन लागू करने से डरती है। स्वतंत्र भारत में यह श्रमिकों के साथ बड़ा अन्याय है।

संयुक्त मजदूर एकता यूनियन सीटू जिला महामंत्री दिनेश कुमार मालवीय ने कहा कि अब मजदूरों से काम अठारह घंटे कराने की बातें की जा रही हैं और उसके लिए सिर्फ माहौल ही नहीं बनाया जा रहा क़ानून भी बदले जा रहे हैं । रोजगार की नियमितता जो हमारा अधिकार हुआ करती थी अब ठेका मजदूरी में बदल दी गई है। महिला कामगारों को, मेहनतकश के नाते, नागरिक के नाते और महिला के नाते तिहरे शोषण की चक्की में पिसने की दशा में ला दिया गया है। लोकतान्त्रिक अधिकार तो दूर की बात रही ट्रेड यूनियन बनाने और उनके जरिये सामूहिक सौदेबाजी कर मुनाफे में अपना हिस्सा बढ़वाने के मूलभूत अधिकार भी लगभग स्थगित कर दिए गये हैं। दमन की तीव्रता सारे मानवाधिकारों का अतिक्रमण कर रही है और मेहनतकश ही नही हर तरह की असहमति और अभिव्यक्ति से निबटने के लिए हिंसक तौर तरीके आजमाए जा रहे है।

श्रमिक दिवस प्रदर्शन में पप्पू यादव, राजू विश्वकर्मा, गोलू, रवि, विकास राठौर, कमलेश मालवीय, उमाकांत, भारत सिंह, राकेश, राजा, कमल, कल्लू, संजय, हेमराज, रूप सिंह, संजय तोमर, राजेश, जितेंद्र, चंदर सिंह आदि शामिल रहे।

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