घटिया निर्माण से गिरे खंबे,खतरे में जनता की जान” राहगीरों को बना रहता है दुर्घटना का डर
33केवी बिजली की लाइन 6 माह में हुई जमीदोज़,ठेकेदार और बिजली विभाग की साठ गांठ से किया घटिया निर्माण, घटिया सामग्री का किया उपयोग।
50 वर्ष पहले की मजबूती देख रही आज की कमजोरी..
33 केवी लाइन 50 वर्षों से
सीहोर से इछावर के बीच अटल खड़ी है।

सीहोर/मध्य प्रदेश एमपी विश्वास न्यूज, राजेश माँझी
सीहोर/मध्य प्रदेश।मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के इछावर तहसील मुख्यालय से क़रीब 4 किलो मीटर दूर रास्ते पर ही गिरे बिजली के खंबे। इछावर से अमलाहा 33 केवी बिजली की लाइन टूट कर सड़क पर जमीदोज हो गई।सिराड़ी गांव के नज़दीक तार झूलते हुए बिजली के खंबे रास्ते पर ही गिरे पड़े। आने जानें वालो के लिए यह एक बहुत ही विकट समस्या है। सड़क के किनारे कई जगह तार झूलते हुए खंबे तिरछे हो गए जो कभी भी गिर सकते है। वही सिराडी गांव के ग्रामीणों का कहना है की आज से तीन से चार दिन पहले आंधी तूफान से तार टूटे और खंबे गिरे पड़े है लेकिन बिजली विभाग का कोई अधिकारी कर्मचारी अभी तक मौके पर नज़र नही आया।ग्रामीणों का कहना है की लाइट नहीं होने से मच्छर काटते है बच्चे बीमार होने की संभावना है। जानलेवा गर्मी से परेशान है।

टूटे बिजली के खंबे और झूलते तार
जहाँ पर बिजली के खंबे और तार जमीन पर गिरे पड़े हैं। ये कोई प्राकृतिक आपदा का नतीजा नहीं है, बल्कि ठेकेदार और बिजली विभाग की साठगांठ और लापरवाही का नतीजा है।”
स्थानीय निवासी का कहना है की
“इन खंबे को लगाए हुए अभी कुछ ही महीने हुए थे, लेकिन घटिया सामग्री की वजह से ये अब टूटने लगे हैं। हमें डर है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।”

“स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार ने काम के दौरान घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया और विभाग ने आँख मूँद कर सब पास कर दिया। अब सवाल यह उठता है कि जवाबदेह कौन है?”
“क्या बिजली विभाग इस लापरवाही की जिम्मेदारी लेगा? क्या ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई होगी? या फिर यह मामला भी फाइलों में दब कर रह जाएगा? जनता जवाब चाहती है।”
इछावर से अमलाहा के लिए 33 केवी लाइन गई है जिसका कार्य क़रीब 6 माह से चल रहा था अभी एक महीने पहले ही लाइन चालू कि है।

सवाल खड़ा होता है की क्या
ठेकेदार और बिजली विभाग की साठ गांठ से इस लाइन का बहुत ही घटिया निर्माण हुआ है। घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है।क्योंकि इस तरह थोड़ी ही आंधी तूफान में तार जमीन पर आ गए खंबे की मुंडेर टूट कर नीचे आ गई। क्या हल्का काम हुआ है जबकि सीहोर से इछावर 33 केवी लाइन 50 वर्षों से अटल खड़ी हुई है कई कोई शिकायत नही। सवाल खड़ा होता है कि घटिया सामग्री के उपयोग करने से यह परेशानी सामने आई है।
क्या कहते हैं अधिकारी
लाइन मैन से लेकर जेई तक इस विषय पर कुछ कहने से बचते नज़र आए। लाइन मैन जाखीर का कहना है कि अभी पता नहीं कब तक कार्य चलेगा ऊपर आप बड़े अधिकारी से बात करे या मालूम करे। ए ई योगेन्द्र चौहान फोन नही उठाते ना ही कार्यालय में मिलते हैं।
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