प्याज ने रुलाया था, अब मुस्कान लौटी, सीहोर के किसानों की जीत, निर्यात खुलते ही 15 रुपये पहुँचा भाव
किसानों ने उन पत्रकारों और मीडिया संस्थानों का भी दिल से आभार जताया, जिन्होंने इस मुद्दे को प्रमुखता से अखबारों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया पर उठाया
पत्रकारों की कलम और कैमरे की ताकत ने ही सरकार को फैसला लेने पर मजबूर कियाःकिसान व समाजसेवी एमएस मेवाड़ा

सीहोर (मध्यप्रदेश)। एमपी विश्वास न्यूज
सीहोर (मध्यप्रदेश)।मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के किसानों के लिए यह दिन उम्मीद, संघर्ष और जीत का प्रतीक बन गया। पिछले करीब 15 दिनों से प्याज के बेहद कम दामों से त्रस्त किसान अपनी मेहनत की फसल सड़कों पर फेंकने को मजबूर थे। कभी 50 पैसे तो कभी 1 रुपये किलो तक बिक रही प्याज ने किसानों की आंखों में आंसू ला दिए थे ग्राम चंदेरी के किसानों ने किसान व समाज सेवी एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में अपनी खून पसीने की प्याज को चंदेरी हाईवे सीहोर भोपाल रोड पर मुफ्त में राहगीरों को बांट दी गई थी पांच-पांच किलो की कट्टी बनाकर प्याज की मुफ्त में जनता को वितरण कर दी गई थी फोर व्हीलर गाड़ी टू व्हीलर गाड़ी ऑटो रिक्शा वालों को मुफ्त में प्याज वितरण कर दी गई थी लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। केंद्र सरकार द्वारा प्याज के निर्यात को खोलने और नया भाव तय किए जाने के बाद प्याज का दाम 15 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।

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