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किसान के लिए वरदान कही जाने वाली बारिश,बनी अभिशाप

किसान के लिए वरदान कही जाने वाली बारिश,बनी अभिशाप

पानी बना बाधा: खेत में फंसा ‘किसान का सोना’ — कटाई के बाद भी बाहर नहीं निकल पा रही सोयाबीन

भारी बारिश के बाद खेतों में भरा पानी, सोयाबीन से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली खेत में कीचड़ में फंसी, दूसरे ट्रैक्टर ने खीच कर निकाला

इछावर, एमपी विश्वास न्यूज

(इछावर) — बारिश किसानों के लिए वरदान मानी जाती है, लेकिन इस बार यह कई किसानों के लिए अभिशाप बन गई है। जिले के विभिन्न हिस्सों में हाल ही में हुई भारी बारिश ने खेतों में पानी भर दिया है, जिससे कटाई हो चुकी सोयाबीन की फसल खेतों से बाहर नहीं निकाली जा पा रही है।

किसानों के मुताबिक, सोयाबीन को खेत से मंडी तक पहुंचाने की बात दूर खेत से सोयाबीन नही निकल पा रहा।

सोयाबीन निकालने के लिए ट्रैक्टर और ट्रॉलियों का उपयोग किया जाता है, लेकिन खेतों में पानी भरे होने और कीचड़ की स्थिति के कारण न तो ट्रैक्टर खेत तक पहुंच पा रहे हैं और न ही ट्रॉलियाँ चल पा रही हैं। इससे फसल खेतों में ही सड़ने का खतरा मंडरा रहा है,और यदि ट्रैक्टर ट्राली पहुंच रहे है तो कीचड़ में फंस रहे हैं।

एक स्थानीय किसान गांव सेमली जदीद कृपाल पटेल ने बताया, “हमारी पूरी फसल तैयार है, कटाई भी हो चुकी है, लेकिन खेतों में पानी भरने की वजह से ट्रैक्टर अंदर नहीं जा पा रहा। अगर दो-चार दिन और ऐसे ही रहा तो फसल खराब हो जाएगी।”

क्षेत्रीय कृषि विभाग ने भी स्थिति पर चिंता जताई है और कहा है कि वे जल्द ही एक सर्वे कराकर नुकसान का आंकलन करेंगे। हालांकि अब तक कोई ठोस राहत योजना की घोषणा नहीं हुई है।

विदित हो कि सोयाबीन को ‘किसान का सोना’ कहा जाता है, क्योंकि यह नकदी फसल के रूप में किसानों के लिए आय का मुख्य स्रोत होती है। लेकिन समय पर कटाई और परिवहन न हो पाने की स्थिति में यह लाभ भारी नुकसान में बदल सकता है।

किसानों की मांग:
किसानों ने प्रशासन से अपील की है कि फसल बचाने के लिए आपातकालीन व्यवस्था की जाए, जैसे कि वैकल्पिक परिवहन साधनों या ड्रेनेज व्यवस्था की मदद।

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