सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं :चंद्रर सिंह बागवान
10.साल बाद फैसला आया
न्यायालय ने पत्रकारों को किया दोष मुक्त.. सच्चाई की बड़ी जीत

सीहोर,एमपी विश्वास न्यूज
राजेश माँझी
सीहोर।सच्चाई को उजागर करने वाले पत्रकारों को भ्रष्टाचार मे लिप्त अधिकारी कर्मचारी लगातार झूठे मुकदमों में फसाकर अपने काले कारनामों पर पर्दा डालते आए।
ऐसे ही एक पत्रकारों पर फर्जी झूठे मुकदमे में न्यायालय: प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश . भेरूदा नसरुल्लागंज जिला सीहोर उषा तिवारी ने एक फैसल सुनाया जिसमें सीहोर वन मंडल के वन परिक्षेत्र लाड़कुई एवं इछावर में अवैध कटाई एवं अवैध अतिक्रमण की शिकायत कर जांच करवाने वाले पत्रकारों पर मारपीट एवं अड़ी बाजी के मुकदमे की सुनवाई करते हुए न्यालय ने दोष मुक्त कर दिया।
पत्रकारों की पैरवी करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता दुर्गा प्रसाद तिवारी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि सीहोर जिले के वन परिक्षेत्र लाड़कुईएवं इछावर* में अवैध जंगलों की कटाई एवं अवैध अतिक्रमण की निरपेक्ष ख़बर चलने एवं पर्यावरण को बचाने के लिए
भोपाल वन मुख्यालय प्रधान वन संरक्षक को शिकायत कर जांच
कर जंगलों में अवैध कटाई करवाने वाले अधिकारियों कर्मचारियों पर करवाही की शिकायत लाड़कुई निवासी पत्रकार चंदर सिंह बागवान एवं नितिन मालपानी,सहयोगी लखन मालवीय को भोपाल प्रधान वन संरक्षक के आदेश से दिनांक 1/2/2016,पत्र देकर अवगत
कराया जाता है कि 2/2/2016
को भोपाल से भेजे गए राज्य स्तरीय उड़न दस्ते के साथ रहकर
उड़नदस्ता प्रभारी डीपी गुप्ता एवं
उनके दल के साथ जिन जंगलों की शिकायत की गई साथ रहकर जांच करवाए।
भोपाल वन मुख्यालय के आदेश को लेकर तीनों पत्रकार भोपाल से भेजे गए जांच दल के साथ वन परिक्षेत्र लाड़कुई के पिपलानी डोंगला पानी के जंगल में जांच के लिए गए जांच सुबह 8.बजे से 5. बजे तक चली उसके बाद जंगल से सभी अधिकारी कर्मचारी डोंगला पानी नाके आए और तीनों पत्रकारों को पहले तो पैसे का लालच दिया और कहा गया की अब पंचनामे पर लिखकर दे दो अब हम जांच नहीं चाहते क्यों कि पहले दिन ही जांच में 500.से ऊपर बेस कीमती सागौन के पेड़ों की जांच में गिनती हुई थी और शिकायत 20/25. बीटों की होना था जिसमें की जांच के बाद बड़े पैमाने पर अवैध कटाई होने से वन परिक्षेत्र लाड़कुई से सीहोर भोपाल तक के अधिकारी कर्मचारियों पर कार्यवाही होती इसी कार्यवाही से बचने के लिए
वन विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों एवं तीनों पत्रकारों के साथ मर पीट की एवं संयंत्र पूर्वक भेरूदा थाने में जाकर अ ड़ी बाजी एवं शासकीय कार्य में बाधा मारपीट का झूठा 30070/2016केश दर्ज कर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी नसरुल्लागंज में चलान पेस किया गया जिसमें की नसरुल्लागंज न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सुनीता गोयल द्वारा 26/8/2022,को झूठे मामले से दोष मुक्त कर तीनों पत्रकारों को बइज्जत बरी किया,जिसमें वनों का विनाश करवाने वाले अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा शासन को गुमराह कर प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश के समक्ष अपील की गाई जिसमें कहागया की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी द्वारा दोषियों को दोष मुक्त किया गया है मामले की सुनवाई की जाए और तीनों पत्रकारों को सजा दी जाए प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने अपील स्वीकार कर बड़ी बारीकी से पूर्व के फैसले को पढ़ा देखा एवं शासन के अधिवक्ता राजेश गुप्ता एवं दुर्गा प्रसाद तिवारी की बहस सुनी दोनों पक्षों के तर्कों को सुनकर प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती उषा तिवारी तिवारी ने न्यायायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सुनीता गोयल,के निर्णय को मानते हुए वन विभाग शासन द्वारा लगाई गईं अपील को खारिज कर तीनो पत्रकारों को दोष मुक्त कर दिया अधिवक्ता दुर्ग प्रसाद तिवारी ने बताया कि मीडिया निरपेक्ष कार्य करती हे लेकिन कुछ
अधिकारी कर्मचारी मीडिया की आवाज को दबाने के लिए झूठे केसों में फसाते हैआज सच्चाई की जीत हुई है
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