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पितरों की कृपा प्राप्ति के लिए श्राद्ध पक्ष में क्या करें और क्या न करें ।।।।।।।।।।,।।।।।।।।। ज्योतिष पद्म भूषण स्वर्ण पदक डॉ पंडित गणेश शर्मा

पितरों की कृपा प्राप्ति के लिए श्राद्ध पक्ष में क्या करें और क्या न करें ।।।।।।।।।।,।।।।।।।।। ज्योतिष पद्म भूषण स्वर्ण पदक डॉ पंडित गणेश शर्मा

सीहोर, एमपी विश्वास न्यूज

सीहोर।हिंदू धर्म में पितृपक्ष का विशेष महत्व है। ज्योतिष पद्म भूषण स्वर्ण पदक प्राप्त ज्योतिषाचार्य डॉ पंडित गणेश शर्मा के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि से श्राद्धपक्ष प्रारंभ होते हैं, जो 15 दिनों तक चलता है। इस दौरान लोग अपने दिवंगत पूर्वजों को याद करते हैं और उनके लिए विशेष पूजा, श्राद्ध और तर्पण करते हैं। वह ऐसा अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके प्रति सम्मान जाहिर करने के लिए करते हैं। इस साल श्राद्ध पक्ष 7 सितंबर 2025 से शुरू हो रहा है और 21 सितंबर को श्राद्ध पक्ष समाप्त होगा l
पितृ पक्ष में क्या-क्या करना चाहिए।।।।।।।।।।।।।।।,।।।।।

  • पितृ पक्ष के दौरान प्रतिदिन स्नान और ध्यान के बाद दक्षिण दिशा की ओर मुख कर पितरों को जल का अर्घ्य दें।
  • श्राद्ध में पिंडदान, तर्पण, और ब्राह्मण भोज कराना जरूरी होता है।
  • तर्पण में काले तिल, जौ, और जल से पितरों को अर्घ्य दिया जाता है।
  • तर्पण करते समय गायत्री मंत्र या पितृ मंत्र का उच्चारण करें, जो पितरों को तृप्त करने का उपाय है।
  • यह क्रिया हर दिन करनी चाहिए।
  • श्राद्ध के दिन ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए।
  • अगर ब्राह्मण न हों, तो आप किसी जरूरतमंद व्यक्ति या गाय को भोजन करा सकते हैं।
  • यह भोजन साधारण, सात्विक और शुद्ध होना चाहिए, जिसे बिना लहसुन-प्याज के तैयार किया जाता है।
  • पितृ पक्ष के दौरान दान करने का भी महत्व है।
  • इस दौरान अन्न, वस्त्र, जूते, और अन्य जरूरी वस्तुओं का दान करना चाहिए।
    पितृ पक्ष में क्या न करें।।।।।।।।।।।।।
  • पितृ पक्ष में विशेष रूप से मांस और शराब का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
  • इस दौरान विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, और नए व्यवसाय की शुरुआत जैसे कोई भी शुभ काम नहीं करना चाहिए।
  • पितृ पक्ष के 15 दिनों में बाल और नाखून नहीं काटने चाहिए।
  • नए कपड़े, गहने या अन्य कोई भी नई वस्तु खरीदने से बचना चाहिए।
  • भोजन में लहसुन और प्याज का उपयोग नहीं करना चाहिए।
  • किसी से भी बहस या झगड़ा करने से बचें।श्राद्ध तिथियां 2025।।।।।।।।।।।।।।
    पूर्णिमा श्राद्ध 07 सितम्बर 2025, रविवार
    प्रतिपदा श्राद्ध 08 सितम्बर 2025, सोमवार
    द्वितीया श्राद्ध 09 सितम्बर 2025, मंगलवार
    तृतीया श्राद्ध 10 सितम्बर 2025, बुधवार
    चतुर्थी श्राद्ध 10 सितम्बर 2025, बुधवार
    पञ्चमी श्राद्ध 11 सितम्बर 2025, बृहस्पतिवार
    महा भरणी 11 सितम्बर 2025, बृहस्पतिवार
    षष्ठी श्राद्ध 12 सितम्बर 2025, शुक्रवार
    सप्तमी श्राद्ध 13 सितम्बर 2025, शनिवार
    अष्टमी श्राद्ध 14 सितम्बर 2025, रविवार
    नवमी श्राद्ध 15 सितम्बर 2025, सोमवार
    दशमी श्राद्ध 16 सितम्बर 2025, मंगलवार
    एकादशी श्राद्ध 17 सितम्बर 2025, बुधवार
    द्वादशी श्राद्ध 18 सितम्बर 2025, बृहस्पतिवार
    त्रयोदशी श्राद्ध 19 सितम्बर 2025, शुक्रवार
    मघा श्राद्ध 19 सितम्बर 2025, शुक्रवार
    चतुर्दशी श्राद्ध 20 सितम्बर 2025, शनिवार
    सर्वपितृ अमावस्या 21 सितम्बर 2025, रविवार
    ll डॉ पंडित गणेश शर्मा ll ll ज्योतिष पद्म भूषण स्वर्ण पदक प्राप्त ज्योतिषाचार्य ll 9229112381

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