आष्टा पुलिस ने हिरण के तीन शिकारियों को गिरफ्तार किया, मांस, अवशेष, लाइसेंसी बंदूक व मोटरसाइकिल जप्त ।

सीहोर राजेश माँझी,एमपी विश्वास न्यूज
बता दें कि मध्य प्रदेश वन विभाग में 23 हजार से अधिक वन पाल और वन रक्षक पदस्थ हैं, लेकिन इनमें से 2500 से ज्यादा कर्मचारी ऐसे हैं, जो वन विभाग के विभिन्न कार्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं। इन कर्मचारियों की कमी के चलते ही मैदानी अमले का काम बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है, जिसके चलते ही इन कर्मचारियों को रिलीव करने के आदेश जारी किए गए हैं। ताकि जंगलों की सुरक्षा और वन्य प्राणियों के संरक्षण का कार्य बेहतर तरीके से किया जा सके। वहीं गर्मी के मौसम में जंगलों में आगजनी की घटनाएं भी बहुत होती हैं, जिसके चलते वन्य प्राणियों की मौत भी होती हैं। सूत्रों की मानें तो वन अमले की कमी के चलते ही आगजनी पर लगाम लगाने की घटनाएं भी ठीक से नहीं हो पाती हैं। मामले में मप्र कर्मचारी मंच के प्रांत अध्यक्ष अशोक पांडे का कहना है कि प्रदेश के सभी वन कार्यालयों में वन पाल और वन रक्षक जमे बैठे हैं। कई बार मांग के बाद भी इन्हें रिलीव नहीं किया गया, जिससे वनों की स्थिति खराब हो रही है। हर जगह वन माफिया सक्रिय होने से इमारती लकड़ी सहित अन्य वन संपदा की तस्करी हो रही है।

किसी भी कार्यालय में ड्यूटी पर मौजूद न रहें
एपीसीसीएफ मोहन्ता ने 7 मार्च को जारी पत्र में लिखा है कि कोई भी वनरक्षक या वनपाल किसी भी स्तर के कार्यालय में कार्यालयीन कार्य नहीं करेंगे। इनकी पदस्थिति बीटों, जांच नाकों, उड़नदस्तों और वन सुरक्षा से जुड़े कार्यों लगाई जाए।

वन विभाग सो रहा है पुलिस कर रही है कार्रवाई
आष्टा पुलिस ने हिरण के तीन शिकारियों को गिरफ्तार किया, मांस, अवशेष, लाइसेंसी बंदूक व मोटरसाइकिल जप्त ।
पुलिस अधीक्षक सीहोर दीपक कुमार शुक्ला के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुनीता रावत एवं एसडीओपी आष्टा आकाश अमलकर के मार्गदर्शन में, थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश दुबे की टीम ने हिरण के अवैध शिकार में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
घटना का संक्षिप्त विवरणः
दिनांक 16-17 मार्च की रात पुलिस को सूचना मिली कि दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर हिरण का मांस ले जा रहे हैं। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आरोलिया-सिद्दीगंज मार्ग पर घेराबंदी कर दो आरोपियों इरफान शेख (निवासी जुम्मापुरा) और कल्लू शाह (निवासी लंगापुरा) को पकड़ा। पूछताछ में उन्होंने अपने तीसरे साथी बाबूलाल मालवीय (निवासी सांगाखेड़ी) के साथ मिलकर 12 बोर बंदूक से शिकार करने की बात कबूल की।
पुलिस ने मौके से हिरण का मांस, अवशेष, एक 12 बोर लाइसेंसी बंदूक, दो जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल जप्त की। जंगल बड़ली ग्राम देवनखेड़ी से हिरण के सिर, खाल व अन्य भौतिक साक्ष्य भी बरामद किए गए।
आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 156/25, धारा 9, 31, 52 वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना की जा रही है। गिरफ्तारशुदा आरोपी को माननीय न्यायालय पेश कर 1 दिन का पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया।
गिरफ्तार आरोपीः
- इरफान शेख पिता एहमद शेख निवासी जुम्मपुरा आष्टा
- कल्लू शाह पिता इम्मू शाह निवासी लंगापुरा आष्टा
- बाबूलाल मालवीय पिता फूलसिंह सांगाखेड़ी
महत्वपूर्ण भूमिकाः
थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश दुबे, उनि. चंद्रशेखर डिगा, प्रआर. दयाराम, हरिभज, विनोद परमार अमन, शुभम आदि।
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