वन विकास निगम – नाबालिग बच्चों से करवा रहा पौधरोपण, मजदूरी सिर्फ़ ₹200!
निगम के कर्मचारी,अधिकारी मीडिया का फोन तक नही उठाते।

📍 ग्राउंड रिपोर्ट | एमपी विश्वास न्यूज, राजेश माँझी
सीहोर/इछावर।मध्यप्रदेश के वन विकास निगम की पौधरोपण योजना के नाम पर नाबालिक बच्चो का शोषण किया जा रहा है। उनकी पढ़ने की उम्र में पौधरोपण के नाम पर मजदूरी कराई जा रही है।
एमपी विश्वास न्यूज की ग्राउंड ज़ीरो रिपोर्टिंग में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, नाबालिग बच्चों से मजदूरी करवाकर सिर्फ ₹200 प्रति दिन दिए जा रहे हैं, जो न केवल बाल श्रम कानूनों का उल्लंघन है, बल्कि मानवाधिकारों पर भी सीधा हमला है।
🌱 गर्मी और धूप में छोटे-छोटे बच्चे पौधे लगाते दिखे, जिनकी उम्र महज 12 से 15 साल के बीच है।
कैमरे के सामने बच्चों ने बताया कि उन्हें ₹200 प्रति दिन के हिसाब से काम पर रखा गया है, जबकि नियमानुसार वयस्क मजदूरों को भी कम से कम ₹261मनरेगा दर मिलती है।
📵 नाकेदार हिमांशु तोमर 237 कंपार्टमेंट डूंडलवा रैंज लाडकुई,रैंजर पहाड़े से लेकर डिप्टी डीएम भदौरिया तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी जवाब देना तो दूर फोन तक मीडिया का रिसीव नहीं करते।

वन विकास निगम के कार्यालय पहुंचे तब डीएम कार्यालय में नही थे। कार्यालय से फोन किया तो उन्होने कहा की आपको वाइड चाहिए है तो डिप्टी डीएम की ले लीजिए। मै अभी मीटिंग में हू। डिप्टी डीएम भी कार्यालय पर नही थे।जब उनसे सवाल पूछा तो एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आए।

🗣️ स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारी मिलीभगत से कम उम्र के बच्चों से काम करवा रहे हैं, ताकि मजदूरी बचाई जा सके और बिल भरकर फंड का दुरुपयोग किया जा सके।
📢 बाल श्रम और शोषण के इस मामले पर प्रशासन की चुप्पी शर्मनाक है।
📍 एमपी विश्वास न्यूज ने इस गंभीर मुद्दे को उजागर कर प्रशासन की पोल खोल दी है, अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन कब और कैसे कार्रवाई करता है।
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