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सीहोर के पाटनी गांव में रात की आग ने सब कुछ छीन लिया, जनसहयोग बना पीड़ितों की आख़िरी उम्मीद

सीहोर के पाटनी गांव में रात की आग ने सब कुछ छीन लिया, जनसहयोग बना पीड़ितों की आख़िरी उम्मीद

किसी ने 200, किसी ने 500 तो किसी ने 1000 रुपये दिए। 26 ग्रामीणों के सहयोग से 16,010 रुपये की राशि एकत्र कर दोनों पीड़ित भाइयों को सौंपी गई।

सीहोर, एमपी विश्वास न्यूज

सीहोर। जिले के ग्राम पाटनी में शुक्रवार की दरम्यानी रात करीब 3 बजे अचानक लगी भीषण आग ने दो परिवारों की पूरी जिंदगी राख में बदल दी। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते इरफान और इकबाल के लकड़ी से बने मकान धू-धू कर जल उठे। इस हादसे में इरफान के 10 कमरे और इकबाल के 6 कमरे पूरी तरह जलकर खाक हो गए।

ग्रामीणों ने रात में ही आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कोई भी कोशिश कामयाब नहीं हो सकी। लगभग डेढ़ घंटे बाद दमकल वाहन मौके पर पहुंचा, तब तक सब कुछ जलकर समाप्त हो चुका था। आगजनी में करीब 4 किलो चांदी, 6 तोला सोना, 5 लाख रुपये नगद, फ्रिज, कूलर, वाशिंग मशीन, टीवी, सोफा, पलंग, बिस्तर, कपड़े सहित पूरा घरेलू सामान नष्ट हो गया। इसके साथ ही 40 कट्टी लहसुन (लगभग 3 लाख रुपये मूल्य), 25 क्विंटल गेहूं, 5 क्विंटल चना, 2 क्विंटल मसूर और अन्य कृषि सामग्री भी जल गई। कुल मिलाकर दोनों परिवारों को लगभग 25 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।

घटना की जानकारी मिलते ही किसान व समाजसेवी एमएस मेवाड़ा मौके पर पहुंचे। उनकी प्रेरणा से ग्रामवासियों ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए जनसहयोग किया। किसी ने 200, किसी ने 500 तो किसी ने 1000 रुपये दिए। 26 ग्रामीणों के सहयोग से 16,010 रुपये की राशि एकत्र कर दोनों पीड़ित भाइयों को सौंपी गई।

समाजसेवी एमएस मेवाड़ा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं जिला प्रशासन से विशेष आर्थिक सहायता देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार को पीड़ित परिवारों को अधिकतम अनुदान देना चाहिए, ताकि वे दोबारा अपना घर बना सकें। इस दुख की घड़ी में पूरा गांव एकजुट होकर पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा नजर आया।

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