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“किसान रोता रहा, लाडली बहना हाथ जोड़ती रही—वसूली के नाम पर ट्रैक्टर उठा ले गई टीम!

“किसान रोता रहा, लाडली बहना हाथ जोड़ती रही—वसूली के नाम पर ट्रैक्टर उठा ले गई टीम!

क्या यही है मोहन सरकार में ‘किसान सम्मान’?”

“क्या किसान आतंकवादी है? बकाया बिल पर पुलिस-गनमैन संग कार्रवाई,

रोती रही महिला—कर्ज लेकर अगले दिन छुड़ाया ट्रैक्टर”

भोजनगर/सीहोर। एमपी विश्वास न्यूज

भोजनगर/सीहोर।सीहोर जिले के बिलकिसगंज विद्युत वितरण केंद्र अंतर्गत ग्राम भोजनगर में बिजली विभाग की सख्त कार्रवाई ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और सरकार के किसान हितैषी दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर किसानों के सम्मान की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है।

गांव के किसान रामलाल सोनी पिता मोहनलाल सोनी पर सिंचाई पंप का करीब 10 वर्षों से अधिक समय से बिजली बिल बकाया था। जानकारी के अनुसार कुल बकाया राशि 1,39,857 रुपये थी, जिसका भुगतान लंबित था।

बकाया वसूली के लिए बिजली विभाग की टीम पुलिस बल और गनमैन के साथ किसान के घर पहुंची। इस दौरान परिवार की महिलाओं ने हाथ जोड़कर गुहार लगाई, किसान खुद बेबसी में रोता रहा, लेकिन विभाग ने किसी की एक नहीं सुनी और किसान का महिंद्रा ट्रैक्टर कुर्क कर अपने साथ ले गया। इस घटना ने मौके पर मौजूद लोगों को झकझोर कर रख दिया।

इस कार्रवाई के बाद गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि एक किसान से वसूली के लिए इस तरह की सख्ती और पुलिस बल का इस्तेमाल कहीं न कहीं अमानवीयता को दर्शाता है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या किसान अपराधी या आतंकवादी है, जिसके लिए इतनी कड़ी कार्रवाई जरूरी समझी गई।
घटना के बाद मजबूर किसान ने अगले ही दिन इधर-उधर से कर्ज लेकर 84,300 रुपये की राशि जुटाई और बिलकिसगंज विद्युत वितरण केंद्र पहुंचकर जमा की। इसके बाद विभाग ने ट्रैक्टर वापस किया।

किसान का कहना है कि यदि उसे कुछ समय दिया जाता, तो वह अपनी फसल बेचकर स्वयं ही बकाया राशि जमा कर देता, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई।


यह पूरा घटनाक्रम प्रशासनिक सख्ती और मानवीय संवेदनाओं के बीच संतुलन की कमी को उजागर करता है। साथ ही, यह सवाल भी खड़ा करता है कि क्या इसी तरह किसानों का सम्मान किया जाएगा। फिलहाल, पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी और क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।

किसान पर 10 से 15 वर्षों से बिल बकाया था, जिसकी राशि 139857 रुपए थी, कई वर्षों से बिल नही जमा करने की स्थिति में हुई ट्रैक्टर की कुर्की।

राजू मेवाड़ा
लाईन मैन, भोजनगर,उलझावन

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