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चार साल बाद बना अद्भुत संयोग: न ग्रहण का असर, न भद्रा का साया, दिनभर बांधी जा सकेगी राखी

28 अगस्त को रक्षाबंधन पर बहनों को बड़ी राहत, सूर्योदय से पहले समाप्त होगी भद्रा; शुभ मुहूर्त में भाई की कलाई पर सजेगा रक्षा-सूत्र

सीहोर। एमपी विश्वास न्यूज।
संपर्क,9200718280

सीहोर।रक्षाबंधन को लेकर इस बार बहनों के लिए राहत भरी खबर है। चार साल बाद ऐसा विशेष संयोग बन रहा है, जब रक्षाबंधन का पर्व भद्रा के व्यवधान से मुक्त रहेगा। 28 अगस्त को सूर्योदय से पहले ही भद्रा समाप्त हो जाएगी। ऐसे में सुबह से लेकर दिनभर राखी बांधने के लिए शुभ समय उपलब्ध रहेगा।

बाला जी ज्योतिष अनुसंधान एवं परामर्श केंद्र के ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ गणेश शर्मा के अनुसार पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह 9:08 बजे प्रारंभ होगी और 28 अगस्त की सुबह 9:48 बजे तक रहेगी। 27 अगस्त को भद्रा के प्रभाव के चलते रक्षाबंधन मनाना उचित नहीं माना गया है। वहीं 28 अगस्त को उदया तिथि में पूर्णिमा मिलने के कारण इसी दिन रक्षाबंधन मनाना शास्त्रसम्मत रहेगा।

ज्योतिषाचार्य शर्मा ने बताया कि 28 अगस्त को चंद्रमा कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में रहेगा। सुबह 7:26 बजे के बाद सुकर्मा योग और बालव करण का शुभ संयोग भी बनेगा, जो रक्षाबंधन के पर्व को विशेष बना रहा है।

ग्रहण लगेगा, लेकिन भारत में नहीं होगा असर

इस बार 28 अगस्त को आंशिक चंद्र ग्रहण भी लग रहा है, लेकिन ज्योतिषाचार्य के मुताबिक यह भारत में दिखाई नहीं देगा। भारत में ग्रहण अदृश्य होने के कारण धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसका सूतक काल प्रभावी नहीं माना जाएगा। इसलिए रक्षाबंधन के पूजा-विधान और राखी बांधने पर ग्रहण का कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा।

राखी बांधने के प्रमुख शुभ मुहूर्त

सुबह 7:26 से 9:48 बजे तक — चर एवं लाभ चौघड़िया, सुकर्मा योग के साथ शुभ समय।
सुबह 9:48 से 10:53 बजे तक — अमृत चौघड़िया।
दोपहर 12:28 से 2:03 बजे तक — अभिजीत मुहूर्त एवं शुभ चौघड़िया।
शाम 5:12 से 6:47 बजे तक — चर चौघड़िया, शाम को राखी बांधने के लिए शुभ समय।

राशि के अनुसार चुनें भाई के लिए राखी

ज्योतिषाचार्य के अनुसार मेष राशि के लिए लाल या मैरून, वृषभ के लिए सफेद, सिल्वर या नीली, मिथुन के लिए हरी या रेशमी धागे वाली राखी शुभ मानी जाती है। कर्क राशि के लिए पीली, सफेद या मोती जड़ी, सिंह के लिए नारंगी, सुनहरी या लाल और कन्या राशि के लिए हरी, नीली या गहरे रंग की राखी का चयन किया जा सकता है।

तुला राशि के लिए सफेद, क्रीम या हल्की नीली, वृश्चिक के लिए लाल, मैरून या गुलाबी, धनु के लिए पीली या केसरिया, मकर के लिए नीली या गहरे रंग की राखी शुभ मानी गई है। कुंभ राशि के लिए नीली, आसमानी या बहुरंगी तथा मीन राशि के लिए पीली, सुनहरी या केसरिया राखी को शुभ बताया गया है।

राशि न पता हो तो इन पवित्र प्रतीकों वाली राखी चुनें
भाई की राशि की जानकारी नहीं होने पर स्वास्तिक, ॐ, रुद्राक्ष या मौली-कलावा वाली राखी का चयन किया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार स्वास्तिक को मंगल एवं विघ्नों को दूर करने वाला, ॐ को आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक और रुद्राक्ष को भगवान शिव से जुड़ा पवित्र प्रतीक माना जाता है। मौली अथवा कलावा को पारंपरिक रक्षा-सूत्र के रूप में विशेष महत्व दिया गया है।

ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ गणेश शर्मा, बाला जी ज्योतिष अनुसंधान एवं परामर्श केंद्र, शास्त्री कॉलोनी, स्टेशन रोड, सीहोर ने बताया कि इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा और ग्रहण को लेकर किसी तरह की परेशानी नहीं रहेगी, जिससे बहनें अपनी सुविधा के अनुसार शुभ मुहूर्त में भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं।

संपर्क: 9229112381

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