अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा बोले-अटूट गुरु भक्ति, दृढ़ संकल्प और भगवान शिव पर विश्वास इंसान का भाग्य बदल सकता है; बारह ज्योतिर्लिंगों की महिमा का किया विस्तार से वर्णन

सीहोर, एमपी विश्वास न्यूज
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सीहोर। अटूट गुरु भक्ति, दृढ़ संकल्प और भगवान शिव के प्रति अटूट विश्वास मनुष्य के जीवन की दिशा बदल सकता है। यदि व्यक्ति विश्वास के साथ पुरुषार्थ करता है और अपने गुरु के बताए मार्ग पर चलता है तो उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आना निश्चित है। भगवान शिव की भक्ति मनुष्य को आत्मबल प्रदान करती है और जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करती है। उक्त विचार अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने जिला मुख्यालय के समीपस्थ कुबेरेश्वरधाम पर जारी ऑनलाइन पांच दिवसीय हरतालिका तीज शिव महापुराण कथा के विराम दिवस पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कही। कथा के अंतिम दिन उन्होंने हरतालिका तीज व्रत के महत्व सहित भगवान शिव की महिमा से जुड़े अनेक धार्मिक प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया।
उन्होंने कहाकि शास्त्रों और सनातन परंपरा में मनुष्य जीवन को अत्यंत दुर्लभ माना गया है। लाखों योनियों में मनुष्य योनि ही ऐसी है, जिसमें व्यक्ति भगवान शिव को श्रद्धा के साथ एक लोटा जल अर्पित करने का सौभाग्य प्राप्त करता है। भगवान शिव को जल अर्पित करना केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है। जब मनुष्य सच्चे भाव से महादेव का स्मरण करता है तो उसके भीतर विश्वास और आत्मबल का संचार होता है।

हरतालिका तीज की कथा का किया विस्तार से वर्णन
कथा के विराम दिवस पर पंडित मिश्रा ने हरतालिका तीज व्रत की महिमा और धार्मिक महत्व का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को बताया कि दृढ़ संकल्प, तपस्या और अटूट श्रद्धा के माध्यम से मनुष्य अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है।
हरतालिका तीज केवल व्रत और पूजा का पर्व नहीं, बल्कि श्रद्धा, संकल्प और भगवान के प्रति विश्वास की परंपरा से जुड़ा हुआ है। व्रत के माध्यम से महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती का स्मरण करती हैं तथा परिवार के सुख-समृद्धि और मंगल की कामना करती हैं।

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