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6 नवंबर से शुरू होगा दीपोत्सव, धनतेरस दीपावली के शुभ मुहूर्तlllllllllllllllllllllllllllllllllllll

सीहोर, एमपी विश्वास न्यूज

दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही धनतेरस से लेकर भाई दूज तक पड़ने वाले पांच प्रमुख पर्वों की तारीख और पूजा के शुभ समय को लेकर लोगों के बीच उत्सुकता बढ़ जाती है। इसे दूर करते हुए बाला जी ज्योतिष अनुसंधान एवं परामर्श केंद्र सीहोर के ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ गणेश शर्मा ने बताया है साल 2026 में दीपोत्सव के दौरान धनतेरस, नरक चतुर्दशी यानी रूप चौदस, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा। इन सभी त्योहारों की पूजा के लिए तिथि के साथ-साथ शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखा जाता है। कहीं प्रदोष काल में पूजा का विधान है, तो कहीं अभ्यंग स्नान और द्वितीया तिथि के समय का महत्व होता है। ऐसे में पंचांग के अनुसार सही तारीख और पूजा का समय जानना जरूरी है। पूजा-पाठ के लिए कौन-कौन से शुभ मुहूर्त रहेंगे।

धनतेरस
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दीपावली से पहले धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा की जाती है। धनतेरस पर पूजा के लिए प्रदोष काल को विशेष महत्व दिया जाता है। इस दिन सोना, चांदी, बर्तन और अन्य धातुओं की खरीदारी के लिए भी शुभ समय देखा जाता है। ऐसे में धनतेरस पर पूजा के मुहूर्त के साथ खरीदारी के शुभ चौघड़िया और त्रयोदशी तिथि का समय जानना जरूरी होता है।

धनतेरस- 6 नवंबर।।।
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पूजा मुहूर्त-* शाम 6:02 से 07: 57 तक
खरीदारी मुहूर्त‐।।।।।।।।।।।।।
दिन की खरीदारी:- 11:36 बजे से 12:24 बजे
शाम की खरीदारी:- 06:19 बजे से 08:17 बजे
प्रदोष काल- शाम 05:33 से 08:09 बजे
वृषभ काल- शाम 06:02 से 07:57 बजे
त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ- 06 नवंबर सुबह 10:30 बजे
त्रयोदशी तिथि समाप्त- 07 नवंबर सुबह 10:47 बजे
दीपावली
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ज्योतिषाचार्य पंडित शर्मा के अनुसार दीपावली का मुख्य पर्व कार्तिक अमावस्या को मनाया जाता है। इस दिन शाम के समय प्रदोष काल में माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। लक्ष्मी पूजन के लिए अमावस्या तिथि का प्रदोष काल में होना विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके साथ ही स्थिर लग्न और वृषभ काल को भी पूजा के लिए शुभ माना जाता है। दिवाली पर लक्ष्मी पूजा के मुहूर्त के अलावा प्रदोष काल, निशिता काल और अमावस्या तिथि के आरंभ एवं समापन का समय भी जानना चाहिए।

दिवाली- 08 नवंबर।।।।।।।।।।।।।।।।।।
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त:- शाम 05: 54 से 07:50 तक
प्रदोष काल- शाम 05:31 से 08:09 तक
वृषभ काल- शाम 05:54 से 07:50 तक
निशिता काल- रात 11:39 से 12:31 (09 नवंबर)
सिंह लग्न- सुबह 12:25 से 02:42 (09 नवंबर)
अमावस्या तिथि प्रारम्भ- 08 नवंबर को सुबह 11:27 बजे।।।।।।।।।।।।।।।।।।।। पंडित सौरभ गणेश शर्मा ll ज्योतिषाचार्य ll बाला जी ज्योतिष अनुसंधान एवं परामर्श केंद्र शास्त्री कॉलोनी स्टेशन रोड सीहोर 9229112381

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