आमला रामजीपुरा/इछावर
“गौशाला में नहीं है भूसा, भूख से तड़प रही गौ माता – कहाँ है प्रशासन?”
भूखी, कमजोर गायें, सूनी आंखों से आश लगाए

आमला रामजीपुरा/इछावर, एमपी विश्वास न्यूज
आमला रामजीपुरा /इछावर।एक पंजीकृत गौशाला आमला रामजीपुरा। जहां गायों को मिलनी थी सेवा, स्नेह और सुरक्षा – वहीं आज उनकी हालत ऐसी है कि न पेट में अन्न है, ना आंखों में उम्मीद। इछावर जनपद में आने वाली आमला रामजीपुरा ग्राम पंचायत में गौ शाला में गौ माता भूसा नही होने से मर रही भूखी। वही ग्रामीणों का कहना है की गौ शाला में अनेक अवस्थाएं है। गौशाला में गौ माता की प्यास बुझाने के लिए बारिश के समय में भी टैंकर से पानी लाना पड़ता है, क्योंकि यहां पानी की व्यवस्था नहीं है बिजली की व्यवस्था नहीं है, बड़ी मशक्कत के बाद पानी की व्यवस्था गौ माताओं के लिए की जाती है। अभी जाल ही में भूसा सेड में भूसा भी खत्म हो गया है,गौ माता भूखी रहने को मजबूर है, उनकी हालत बहुत गंभीर है, आखिर सवाल है कब सुधरेगी की गौ शालाओं की हालत।
वही मौके पर पंचायत सचिव कार्यालय में नही मिले फ़ोन के माध्यम से उनसे बात हुई तो वह अपने घर थे, इस विषय में कुछ कहने से इन्कार कर दिया। ग्राम पंचायत कार्यालय में रोजगार सहायक भगवान सिंह उपस्थित थे लेकिन इस मामले में कुछ कहने से इंकार कर दिया।

सरपंच का कहना है कि
मोहन सरकार कहती है 40 रू गाय के मान से राशि मिलेगी लेकिन 5 माह से अभी तक एक रुपए की राशि नही मिली और दूसरी गौ शाला में समय से राशि मिल रहीं है। मै कर्मचारी का पैसा कहा से दू, भूसा कहा से लाऊं, टैंकर से पानी पिलाता हूं, महिने में 500 रू टैंकर के हिसाब से 15 टैंकर डलते है। राशि नही मिलेगी तो गौ माता भूखी ही मरेगी,प्यासी मरेगी मैं कब तक अपनी जेब से पैसा लगाऊंगा। कर्मचारियों का वेतन कहा से दूंगा,60 से 70 हजार का भूसा पहले भी जेब से लाया हू जिसका मुझ पर ब्याज चल रहा है, मै काफ़ी परेशान हू,समय पर राशि नही मिलेगी तो मै सभी गौ माता जनपद कार्यालय में छोड़ आयुंगा।
सरकार से मेरी मांग है की समय पर राशि का भुगतान किया जाए, गौ शाला में बिजली की व्यवस्था की जाए, पानी की व्यवस्था के लिए एक बोर खनन किया जाए।
सरपंच
राजेन्द्र कुमार
आमला रामजीपुरा
मै अभी जिले में हू, गौ शाला में जो भी समस्या होगी उसको दिखवाया जाएगा एवं जॉच की जाएगी।
सीईओ
रोशाली पोरस
जनपद पंचायत इछावर
एमपी विश्वास न्यूज़ लोगों की विश्वसनीय आवाज