कुंभकर्णी नींद में किए गए पुल निर्माण कार्य की ड्राइंग डिजाइन के विरोध में कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन,
जनहित में सर्विस रोड बनाने की मांग :- जिला अध्यक्ष राजीव गुजराती,कांग्रेस कमेटी,सीहोर
नुक्कड़ नाटक से बताई निर्माणाधीन ओवर ब्रिज की गंभीर लापरवाही

सीहोर, एमपी विश्वास न्यूज
सीहोर। ब्रिज कॉर्पोरेशन को नींद से जगा कर और सरकार की आंखों से पट्टी हटाकर कांग्रेस ने रास्ता सुझाया! हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास निर्माणाधीन ब्रिज में हो रही अनियमिताओं को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजीव गुजराती के नेतृत्व में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आवेर ब्रिज में हुई गंभीर लापरवाही व जनहित में ब्रिज के दोनों सर्विस रोड के बारे में बताया गया एवं सोया हुआ ब्रिज कॉरपोरेशन और आँख पर पट्टी बाँधे सरकार और कुम्भकरण रूपी ब्रिज निर्माण कम्पनी के आगे बीन बजाकर जगाने की कोशिश की गई। गुजराती ने मौके पर उपस्थित पत्रकारगणों से चर्चा करते हुए बताया कि ब्रिज कॉर्पोरेशन ने बिना जमीनी सर्वे किये गलत डिजाइन बनाई और उसके बाद ड्राइंग बार-बार क्यों बदली गई, इसका आज तक कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया। निजी भूमि न लगने का दावा गलत साबित हुआ और 3000 वर्गफिट भूमि अधिग्रहण शुरू हो चुका है। हमारी मांग है कि अधिग्रहण बढ़ाकर 5000 वर्गफिट किया जाए और सर्विस रोड दी जाए, ताकि जनता को स्थायी राहत मिले।

निर्माण से पहले सर्विस रोड न बनने से लोग दो साल से गड्ढों, धूल और दुर्घटनाओं से परेशान हैं। नगर पालिका से अनुमति भी नहीं ली गई और मुख्य मार्ग बंद कर दिया गया।
आज के प्रदर्शन/नुक्कड़ नाटक के माध्यम से हमने लापरवाही पर कार्रवाई और जनता की समस्या के त्वरित समाधान की मांग दोहराई है।
हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास निर्माणाधीन ब्रिज को भोपाल ओर पूर्ण करने के संबंध में विचारणीय तथ्य
ब्रिज निर्माण हेतु कार्यदिश दिसंबर 2023 में पीडब्ल्युडी सेतु विभाग द्वारा जारी किया गया एवं जनवरी 2024 से स्थल पर निर्माण प्रारम्भ हो गया, इस समय तक निर्माण विभाग को निजी भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं थी क्योंकि ब्रिज सितंबर 2023 के लेआउट के अनुसार बनना था, और ब्रिज हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पहुँच मार्ग से पहले, अर्थात नरेश माधुर के घर के सामने ही खत्म हो रहा था, एवं निर्माण विभाग द्वारा भी उसी के अनुसार कार्य प्रारंभ किया था।
अप्रैल 2024 में पता नहीं किस कारण से पुन: ड्राइंग बदल दी गई, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के रास्ते को बंद करना प्रस्तावित किया किन्तु कोई विकल्प नहीं सोचा और चालू काम में तोडफ़ोड़ करके उसको घुमाते हुए निजी जमीन तक पहुँचा दिया गया। बाद में सेतु निगम जगा कि यहां तो आगे तो निजी भूमि है।
पहुँच मार्ग पर दीवार बनाते हुए सितंबर 2025 तक निजी भूमि के पास पहुँच कर रुक जाता है, इस बीच हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी एवं उससे लगी अन्य सभी कॉलोनियों के निवासी निरंतर शासन, प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों को मौखिक / लिखित / कार्यालय में मौके पर, जब जहाँ जैसे मिले सबको समस्या बताते रहे कि हमारा पहुँच मार्ग बंद हो गया विकल्प उचित नहीं है, बरसात में कई लोग गिरे भी फिसले भी, धरना दिया आंदोलन किया, किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। अक्टूबर 2025 को पता चलता है कि ब्रिज निर्माण में आ रही बाधा को दूर करने के लिए निजी भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, मतलब अब निर्माण विभाग को भूअर्जन आवश्यक लगा।
अब प्रश्न ये है, जिनके जवाब जिम्मेदार अधिकारियों से जानना आवश्यक है।
योजना बनने के पहले निर्माण विभाग ने कोनसी भूमि पर निर्माण होना था, क्योकि डीपीआर में भूअर्जन प्रस्तावित नहीं है ? निर्माण के दौरान लेआउट में परिवर्तन क्यों किया गया ? उत्तर दिशा स्थित कॉलोनियों के निवासियों की पहुंच मार्ग की समस्या का निराकरण क्यो नहीं किया जा रहा।
विवादास्पत अनेकों अनियमित्ताओं से घिरे उक्त निर्माणाधीन ओवर ब्रिज के विरोध में कांग्रेसजनों द्वारा नुक्कड़ सभा कर लोगों को जागरूक किया गया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से जफर लाला, प्रीतम दयाल चौरसिया, सीताराम भारती, रमेश गुप्ता, विवेक राठौर, राकेश वर्मा, रामप्रकाश चौधरी, घनश्याम यादव, घनश्याम मीणा, मनोज परमार, प्रेमनारायण परमार, इरफान लाला, मजीद अंसारी, के.के.रिछारिया, कमलेश चाण्डक, भगत सिंह तोमर, आसिफ अंसारी, धीरज ठाकुर, संतोष मालवीय, अनिल सेन, यश यादव, मोनू शर्मा, मनीष मेवाड़ा, हरिओम सिसोदिया, शुभम सक्सेना, अक्षत सेंगर, गजराज परमार, दिव्यांश, आशीष परमार, अरबाज़ खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित थे।
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