
भैरूदा/लाड़कुई 3 जनवरी को शाम 10 बजे मुखबिर द्वारा श्रीमति अर्चना पटेल वन मंडल अधिकारी महोदया सीहोर को सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम बगलीखेडा एवं ग्राम गादलिया के कुछ लोगो द्वारा वन्यप्राणी नीलगाय का शिकार किया गया है जिसकी सूचना मिलने उपरांत वन मंडल अधिकारी के निर्देशन में श्री प्रकाश चंद्र उईके वन परिक्षेत्र अधिकारी महोदय लाड़कुई द्वारा दो टीमों का गठन कर तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। पहली टीम में शरद रंजन कार्यवाहक वनपाल, वनरक्षक अरुण पैठारी, वन रक्षक अमर सिंह रावत, एवं वनरक्षक महेन्द्र सिंह राजपूत, दूसरी टीम में वनपाल नारायण सिंह मेहर, वनरक्षक नरेन्द्र राजपूत, वनरक्षर श्यामसुंदर सिंह राजपूत, वनरक्षक यशवंत गोयल एवं वनरक्षक राजेश शुक्ला थे। दोनो टीमो ने मुखबिर द्वारा बताये गये घटनास्थल पे सर्चिग शुरु की। सर्चिग के दौरान ग्राम गादलिया निवासी शोभाराम आ० डोंगर सिंह के खेत के पास कुछ हलचल दिखाई दी। टार्च जलाकर देखा तो दो व्यक्ति मोटरसायकल पर बैठे थे एवं दो व्यक्ति अपने हाथ में झोला लेकर खड़े थे, हमने उन्हें वही पर रुकने को कहा तो वे मोटरसायकल लेकर भागने लगे। आगे खेत में फसल खड़ी होने के कारण वे अपनी मोटरसायकल छोड़कर भागने लगे । दोनो टीमो द्वारा घेराबंदी कर दो आरोपियो को झोला सहित पकड़ा। दोनो झोलो कि तलाश की गई तो देखने में पाया की एक झोले में कच्चा कटा हुआ मांस एवं दूसरे झोले में एक नग धारदार हथियार कुल्हाड़ी एवं एक नग एक धारदार हसिया मिला जिन्हें जप्त किया गया। दोनो आरोपियों से पूछताछ करने पर उनमे से एक ने अपना नाम शोभाराम आत्मज डोंगरसिंह जाति बारेला’ निवासी गादलिया तहसील भैरूदा जिला सीहोर एवं दूसरे ने अपना नाम दीपसिंह आए गुसाई जाति बारेला निवासी बसंतपुर-पांगरी तह. भैरुन्दा जिला सीहोर बताया। दोनो आरोपियो को पूछताछ करने के लिए वन परिक्षेत्र कार्यालय लाङ्कुई लाया गया एवं दोनो मोटर सायकिलो को भी मौके से जप्त कर वन परिक्षेत्र कार्यालय लाङकुई लाया गया। उक्त संपूर्ण कार्यवाही वन अमले ने वाहन की रोशनी में की गई।
तदुपरांत रात पूछताछ के लिये लाये गये दोनों आरोपियों को घटना स्थल जहाँ वन्यप्राणी नीलगाय को मारा गया, आरोपियो की निशानदेही पर बीट बगंलीखेड़ा एवं बीट नयापुर की सीमा लाईन बनाने वाले नाले पर पहुँचकर जाँच की गई तो पाया कि घटनास्थल पर खून से सनी भूमि के पास एक सागौन की बल्ली जिसकी लम्बाई 198 सेमी एवं गोलाई 14 सकी जिस पर खून लगा हुआ है, मौके पर पड़ी मिली इसके अतिरिक्त वन्यप्राणी की आते के अवशेष, पूँछ एवं वन्यप्राणी की हड्डी के टुकडे घटनास्थल पर पड़े हुए है जिन्हे मौके से जप्त कर नोट केम से फोटो लेकर* वन्य प्राणी अधिनियम 1972 की धारा 9,39,51,52 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया जाकर मौके से फरार अपराधियों की तलाश लगातार की जा रही हैं
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