पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के ग्रह जिले सीहोर मे,
“गरीब का राशन डकार गए जिम्मेदार: 4 माह से नहीं मिला अनाज, ताले में बंद इंसाफ
पूर्व में ग्राम सिराड़ी से मामला सामने आया था,अब उस प्रकार ग्राम कालापीपल से सामने आया जहां पर ग्राम में नहीं खुलती समय पर राशन दुकान, डीलर बोला – ‘राशन आया ही नहीं, तो क्या बांटें?’
ग्राम – काला पीपल, पंचायत – काला पीपल, जनपद – इछावर, जिला – सीहोर (म.प्र.)

कालापीपल/इछावर, एमपी विश्वास न्यूज
इछावर/सीहोर।पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर में राशन की कालाबाजारी रुकने का नाम नहीं ले रही है पूर्व में ग्राम सिराड़ी से मामला सामने आया था जहां पर बीते जून जुलाई अगस्त 3 माह का राशन का वितरण नहीं हुआ था जिसकी शिकायत प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव से भी की थी ग्राम के हितग्राहियों ने एवं जिला कलेक्टर एवं सीएम हेल्पलाइन एवं एसडीएम कार्यालय में भी शिकायत की थी पर उस शिकायत को विभाग के द्वारा कागजों में ही सीमित रखा गया था ऐसा ही सोमवार को एक मामला सामने आया है ग्राम कालापीपल से जहां पर गरीबो के लिए चलाई जा रही राशन योजना का हाल इछावर के काला पीपल गांव में पूरी तरह से दम तोड़ चुका है। बीते चार महीनों से गांव के सैकड़ों हितग्राहियों को एक दाना भी राशन नहीं मिला।जूनापानी गांव के महिला एवं पुरुष ने मीडिया को सुनाई अपनी आप बीती,जूनापानी गांव कालापीपल की ग्राम पंचायत में आता है। बड़े ही गरीब तबके के लोग जूनापानी में निवास करते हैं, हर महिने 4 किलो गेंहू,1किलो चावल के मान से प्रति व्यक्ति हर महिने मिलता है,लेकिन कालापीपल गांव के जगदीश मालवीय का कहना है की समय पर दुकान नही खुलती दुकान खोलने का हमने बोला तो उनका कहना है कि चावल नही आए इस कारण नही खुल रही दुकान, जबकि दीपावली त्यौहार सामने है फिर तो राशन दुकान खुलना चाहिए।
ग्राम जूना पानी के रुप सिंह, पवित्रा बाई,रुकसाना बाई, का कहना है कि
न तो दुकान समय पर खुलती है, हमे 4 माह से परेशान है सामने दीपावली त्यौहार है, राशन नही मिला तो भूखे मरने की नौबत आ गई, जबकि समय से सरकार की योजना है गरीबों को हर महिने प्रति व्यक्ति 4 किलो गेंहू एवं 1 किलो चावल वितरण करना है, लेकिन 4 माह से राशन नही मिला आख़िर कौन डकार रहा हमारे हक का राशन है।

जब मीडिया ने राशन दुकान के डीलर से फोन पर बात की, तो उसने साफ कहा:
“जब राशन आया ही नहीं, तो क्या बांटें? और क्यों खोलें दुकान आप जिससे कहना चाहोगे दो हमारा अधिकारी कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता और हितग्राही तो चिल्लाते रहते हैं उनको तो मैं देख लूंगी
राशन डीलर श्रीमती ललित बामनिया
डीलर का ये गैरजिम्मेदाराना बयान और प्रशासन की चुप्पी यह दिखाती है कि गरीबों के हिस्से का राशन या तो कागज़ों में बंट रहा है या फिर कहीं और बिक रहा है।
आपके द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया है, 4 महिने से हितग्राहियों को राशन नही मिला है तो परिवार आई डी की जॉच करवा कर विक्रेता दोषी पाए जानें पर कठोर कार्यवाही की जाएगी।
प्रकाश यादव
खाद्य विभाग अधिकारी,इछावर
जमीनी हकीकत – भूख से जूझते परिवार:
🗓️ 4 महीने से राशन वितरण बंद
🚪 दुकान समय पर नहीं खुलती
📞 डीलर का बयान: “राशन नहीं आया, तो दुकान क्यों खोलें आप जिसको बताएं बता दे हमारा अधिकारी कुछ नहीं बिगाड़ सकते और हितग्राही तो चिल्लाते रहते हैं उनको तो मैं देख लूंगी
❌ न कोई सूचना बोर्ड, न पारदर्शिता
⚠️ हितग्राही परेशान, अधिकारी लापता
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