250 रुपए घन मीटर की रॉयल्टी 900रुपए मीटर में बेच रही रेत कंपनी
रोजाना करोड़ों रुपए की अवैध कमाई कर रही रेत कंपनी सरकार को भी लगा रही करोड़ों रुपए के राजस्व का चूना

पहली बार,सिर्फ एमपी विश्वास न्यूज ने लाइव रेत चोरी कर बिना रॉयल्टी परिवहन करने वाले रेत माफियाओं से कैमरे पर की बातचीत
रेत माफिया बोले हम चोर के घर से चोरी कर रहे हैं, रेत कंपनी सरकार को चूना लगा रही है और हम कंपनी को चूना लगा रहे हैं
सीहोर राजेश माँझी, एमपी विश्वास न्यूज
रेत माफिया बिना रॉयल्टी, क्षेत्र के सुनसान घने जंगल और टेढ़े-मेढ़े रास्ते से करते है रेत का परिवहन
आज तक किसी भी मीडिया समूह विदाउट रॉयल्टी रेत का परिवहन करने वाले रेत माफियाओ से ऑन कैमरा बातचीत नही की।
रेत कंपनी रॉयल्टी की रसीद पर किसी प्रकार की कोई राशि लिखकर नहीं देती है।
इतनी बड़ी नगद केस की अवैध कमाई पर अभी तक आयकर विभाग ने क्यों नहीं दिया ध्यान
बिना प्रशासनिक सांठगांठ के अवैध कमाई का इतना बड़ा सिंडिकेट चलना संभव नहीं
पूरा पैसा कैश में लेती है कंपनी ऑनलाइन पैसा नहीं लेती
करोड़ों रुपए की अवैध कमाई का इतिहास सिंडिकेट पूरी प्रशासनिक सांठगांठ और नेता नगरी के संरक्षण में चल रहा है।
सिर्फ नगद पैसा देने वाले को ही मिलती है रेत की रॉयल्टी, रॉयल्टी नाके पर ऑनलाइन पेमेंट देने की कोई व्यवस्था नहीं इसीलिए यहां करोड़ों रुपए की अवैध कमाई सरेआम प्रशासन की नाक के नीचे और प्रशासन की सांठगांठ से ही चल रही है।
सीहोर। सीहोर जिले में लगातार नर्मदा नदी से अवैध रेत खनन तो चल ही रहा है साथ-साथ नर्मदा नदी से लगातार बिना रॉयल्टी रेत का परिवहन भी धड़ल्ले से किया जा रहा है। लेकिन यहां अवैध परिवहन रेत माफिया द्वारा क्यों किया जा रहा है आपको इसके पीछे का भी कारण भी आपको समझना चाहिए पहली बार किसी न्यूज़ चैनल ने अवैध रेत का परिवहन करने वाले रेत माफियाओं से बात कर उनकी चोरी करने की वजह जानने का प्रयास किया क्योंकि यह रेत माफिया ऐसे रास्तों से रेत का अवैध परिवहन करते हैं जहां प्रशासन और रेत कंपनी का भी पहुंच पाना संभव नहीं है लेकिन एमपी विश्वास न्यूज के रिपोर्टर अपनी जान की बाजी लगाकर उसे रास्ते पर उन रेत माफिया के बीच पहुंचे जहां जाना कतई खतरे से खाली नहीं है,रेत माफिया पहले भी कई लोगों को प्रशासनिक अधिकारियों को अपने धंधे के बीच में आने पर मौत के घाट उतार चुके हैं लेकिन एमपी विश्वास न्यूज की रिपोर्टर ने बिना किसी डर के रेत माफियाओं से बात की।
कैमरे पर बिना रॉयल्टी रेत का अवैध परिवहन करने वाले रेत माफिया ने बताया कि
हमें कंपनी की मनमानी और प्रशासनिक शिथिलता के कारण रेत चोरी करके बेचनी पड़ रही है हमें भी मजा नहीं आता रेत चोरी करने में लेकिन जो रॉयल्टी हमें ₹800 में मिलनी चाहिए कंपनी उसे ₹3500 और 4800 में दे रही है जिस वजह से जो रेत ग्राहकों को₹3000 में हम ले जाकर दे देते हैं उसे रेत को हमें 8 से 10000 रुपए में बेचना पड़ता है।इस पूरे खेल में सिर्फ कंपनी का फायदा है और प्रशासनिक अधिकारियों का बाकी सरकार और जनता का शोषण है।यह रेत कंपनी कमाई कर रही है इसलिए हमें बिना रॉयल्टी रेत का परिवहन कर हम लोगों को सस्ते दामों में रेत बेच देते हैं और हमें भी दो पैसे मिल जाते हैं।
बिना रॉयल्टी रेत का परिवहन करने वाले रेत माफियाओं पर हम लगाम कसेंगे। समय समय पर हम टीम गठित करके कार्यवाही करते हैं, आगे से कार्यवाही में तेजी लायेंगे।
मदन सिंह रघुवंशी
एसडीएम,भेरूंदा
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