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आधा दर्जन गौ माता के शव भाऊखेड़ी पंचायत की गौ शाला में खुले जमीन में पर पड़े दिखे।

ग्राम पंचायत भाऊखेड़ी में गौ माता का हाल बेहाल, गौ शाला में गौ माता के मृत होने के बाद की स्थिति दयनीय, शव को नही गाड़ा जाता जमीन में आधा दर्जन शव खुले में जमीन पर पड़े मिले।

राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के गृह निवास के नजदीक ग्राम पंचायत भाऊखेड़ी में गौ शाला का हाल बेहाल

सीहोर एमपी विश्वास न्यूज,राजेश माँझी

सीहोर।पूरा मामला सीहोर जिले के इछावर जनपद पंचायत के अन्तर्गत आने वाली भाऊखेड़ी पंचायत का है। सीहोर जिले से मात्र 10 किलोमीटर भाऊखेड़ी में गौ शाला आजीविका मिशन के अन्तर्गत संचालित है। जिसमे समूह की दीदियो द्वारा संचालित की जाती है। समूह में करीब 183 महिला सदस्य है। अभी कुछ दिन पहले कलेक्टर बाला गुरू के. ने भाऊखेड़ी पंचायत का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के कुछ दिन बाद एमपी विश्वास न्यूज की टीम भाऊखेडी पंचायत की गौ शाला में मौके पर पहुंची तो गौ शाला के हाल बेहाल नजर आए। आये दिन एक के बाद एक गाय की मौत हो रही है।पता नही किस कारण से उनकी मृत्यु हो रही है। सवाल खड़ा होता है की पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर समय पर गौ माता की जॉच नही करते।

आधा दर्जन गौ माता के शव भाऊखेड़ी पंचायत की गौ शाला में खुले जमीन में पर पड़े मिले।

राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के गृह निवास के नजदीक ग्राम पंचायत भाऊखेड़ी में गौ शाला का हाल बेहाल


मौके पर जब एमपी विश्वास न्यूज की टीम दिन शनिवार तारीख 15/02/2025 को पहुंची तो आधा दर्जन गौ माता के शव खुले में जमीन पर पड़े नजर आएं। शवो की स्थिति बड़ी दयनीय थी कुत्ते उनके शवो को नौच नोच कर खा रहे थे। शव बेगोर पड़े हुए थे किसी भी शव को गढ़ों में नही गाड़ा गया।जिससे कई प्रकार का संक्रमण फैलने की संभावना है। कई प्रकार की बीमारी फैल सकती है। जबकि शासन प्रशासन द्वारा प्रावधान है की किसी कारण यदि गौ माता की मृत्यु हो जाती है तो शवो को तत्काल गड्ढा करके जमीन में गाड़ा जाए ताकि आसपास किसी प्रकार का संक्रामक रोग ना फेले।

मृत शवो को देखने के बाद ही पता चलेगा की किस कारण से मृत्यु हुई।पूरा ब्लाक एरिया खाली था डॉक्टर नही थे।अभी एक महिने पहले ही 2 डॉक्टर अपॉइंड हुए है।

श्री मति बुशरा मंसूरी

क्षेत्राधिकार पशु चिकित्सक इछावर

सवाल खड़ा होता है की राजस्व मंत्री के ग्रह निवास के नजदीक वाली गौ शाला के हाल बेहाल है तो ओर गौ शालाओं के क्या हाल होंगे।

बता दे कि

प्रदेश सरकार ने गौशालाओं में सुधार और गौवंश संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उदाहरण के लिए, गौशालाओं में आहार राशि को 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति दिन प्रति गाय किया गया है, जिससे गौशालाएँ बेहतर तरीके से संचालित हो सकें। इसके अतिरिक्त, जबलपुर में राज्य की सबसे बड़ी गौशाला का निर्माण किया जा रहा है, जो लगभग 86 एकड़ भूमि पर फैली होगी और इसमें 6,000 मवेशियों को रखने की व्यवस्था होगी। इससे शहर में आवारा गौवंश की समस्या का समाधान होगा।

70 करोड़ रु की लागत से बन रही आधुनिक गौशाला

जबलपुर के उमरिया नाम के गांव में बनाया जा रहा है, जिसपर लगभग 70 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

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