सिविल अस्पताल इछावर में लगी 108 एंबुलेंस सेवा का हो रहा दुरुपयोग, दुर्घटना होने पर करना पड़ता है घण्टों इन्तजार

शादी समारोह में मौज करती 108 एंबुलेंस सेवा,”आपातकालीन चिकित्सा एंबुलेंस सेवा”
108 एंबुलेंस सेवा का दुरुपयोग, दुर्घटना होने पर 108 एंबुलेंस सेवा समय पर नही मिलती, कारण शादी समारोह में रहती है व्यस्त।
इछावर राजेश माँझी,एमपी विश्वास न्यूज
इछावर। मामला सीहोर जिले के इछावर जनपद पंचायत में सेमली जदीद गांव का है।अभिलाषा पिता भगवत सिंह जाति खाती निवासी सेमली जदीद की शादी समारोह में दिन मंगलवार समय रात्रि लगभग 10.30 से 11 बजे के बीच 108 एंबुलेंस सेवा,”आपातकालीन चिकित्सा एंबुलेंस सेवा” शादी में पहुंची। गाड़ी नंबर CG 04 NT 1840 था।108 को देखकर शादी समारोह में गांव के कुछ लोगो को लगा की किसी प्रकार कोई दुर्घटना तो नही हुई। लेकिन जब मौके पर ग्रामीण चेतन वर्मा, संदीप वर्मा, बबलू वर्मा ने देखा तो मामला कुछ ओर ही देखने को मिला। वह 108 एंबुलेंस शादी समारोह में ड्राइवर सहित दो अन्य व्यक्ति खाना खाने शादी समारोह में आए थे। देखने से लग रहा था की सभी तीनों व्यक्ति नशे में थे और ड्राइवर से ठीक से गाड़ी नही मुड़ पा रही थी। जल्द बाजी में चेतन वर्मा द्वारा मौके पर मौजूद 108 एंबुलेंस की विडियो बना ली गई है।
शादी समारोह में 108 एंबुलेंस वाले मामले मे जॉच की जाएगी। यदि सही पाया गया तो ड्राइवर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
तरुण सिंह
सीनियर मैनेजर
108 एंबुलेंस वाहन कार्यालय,भोपाल
108 एंबुलेंस सेवा का उद्देश्य आपात स्थितियों में त्वरित और प्रभावी चिकित्सा सहायता प्रदान करना है।
दुर्घटना हो जानें पर मरीज को तत्काल हॉस्पिटल पहुंचाने की सुविधा के लिए चलाई गई 108 एंबुलेंस सेवा मध्य प्रदेश में, 108 एंबुलेंस सेवा को “आपातकालीन चिकित्सा एंबुलेंस सेवा” (EMAS) के रूप में जाना जाता है। यह सेवा राज्य भर में 554 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) और 50 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) एंबुलेंस के बेड़े के साथ संचालित होती है। इन एंबुलेंसों को रणनीतिक रूप से राज्य में तैनात किया गया है और एक केंद्रीयकृत कॉल सेंटर द्वारा समर्थित हैं, जो भोपाल में स्थित है।
सेवा का उद्देश्य आपात स्थितियों में त्वरित और प्रभावी चिकित्सा सहायता प्रदान करना है। कॉल प्राप्त होने पर, निकटतम उपलब्ध एंबुलेंस को कॉलर के स्थान पर भेजा जाता है। एंबुलेंस स्टाफ में एक चालक और एक आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन (EMT) शामिल होते हैं, जो आवश्यक चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित होते हैं। 108 नंबर का चयन इसके सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व के कारण किया गया है, क्योंकि यह संख्या हिंदू और बौद्ध धर्म में शुभ मानी जाती है।
हालांकि, कुछ चुनौतियाँ भी हैं, जैसे कि एंबुलेंस की सीमित संख्या और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशिक्षित स्टाफ की कमी। इन चुनौतियों से निपटने के लिए, सरकार और गैर-सरकारी संगठन सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने, स्टाफ प्रशिक्षण में सुधार करने और बेहतर उपकरण और बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए काम कर रहे हैं। कुल मिलाकर, 108 एंबुलेंस सेवा ने आपातकालीन चिकित्सा सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और समय पर चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करने में मदद की है।
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