बिजली ज़्यादा दी, तो कटेगा वेतन! — MP बिजली कंपनी का तुगलकी फरमान
10 घंटे से ज़्यादा बिजली दी तो किसानों को नहीं, कर्मचारियों को सज़ा — कटौती का पैमाना तय

भोपाल, एमपी विश्वास न्यूज
भोपाल।मध्य प्रदेश में किसानों को राहत देने के बजाय अब उन्हें बिजली देने वालों को सज़ा दी जाएगी!
राज्य की विद्युत वितरण कंपनी ने ऐसा आदेश जारी किया है जिसने कर्मचारियों और किसानों दोनों में हड़कंप मचा दिया है। आदेश के मुताबिक, अगर किसी क्षेत्र में किसानों को 10 घंटे से ज़्यादा बिजली दी गई, तो संबंधित कर्मचारियों के वेतन से कटौती की जाएगी।
कंपनी ने न केवल बिजली देने की सीमा तय की है, बल्कि वेतन कटौती का पूरा पैमाना भी निर्धारित कर दिया है —

⚡ कटौती का पैमाना इस तरह तय किया गया है :
बिजली सीमा टूटने की अवधि जिम्मेदार अधिकारी वेतन कटौती
1 दिन से अधिक ऑपरेटर 1 दिन का वेतन कटेगा
2 दिन से अधिक जूनियर इंजीनियर (JE) 1 दिन का वेतन कटेगा
5 दिन से अधिक डीजीएम (DGM) 1 दिन का वेतन कटेगा
7 दिन से अधिक जीएम (GM) 1 दिन का वेतन कटेगा

किसान संगठनों ने इस आदेश को “किसान विरोधी और कर्मचारी शोषणकारी” बताया है।
उनका कहना है कि सरकार किसानों को मुफ्त बिजली देने के वादे करती है, लेकिन जब कर्मचारी थोड़ी ज़्यादा बिजली दे देते हैं, तो उन्हें सज़ा दी जाती है!
विभाग के कर्मचारियों में भी आक्रोश है। उनका कहना है कि बिजली वितरण कई बार तकनीकी या मौसम संबंधी कारणों से बढ़ सकता है, लेकिन ऐसी स्थिति में वेतन काटना तानाशाही कदम है।
अब सवाल यह है कि क्या सरकार किसानों को राहत देगी या आदेश पर अड़ी रहेगी?
फिलहाल, यह फ़रमान किसानों और कर्मचारियों दोनों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच चुका है।
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