श्री सत्य साईं विश्वविद्यालय प्रौद्योगिकी एवं चिकित्सा विज्ञान, सीहोर के पॉलीटेक्निक इंजीनियरिंग विभाग के तत्वाधान में छह दिवसीय अटल संकाय विकास कार्यक्रम का आयोजन
सीहोर। श्री सत्य साईं विश्वविद्यालय प्रौद्योगिकी एवं चिकित्सा विज्ञान, सीहोर के पॉलीटेक्निक (इंजीनियरिंग) विभाग द्वारा अटल (एआईसीटीई प्रशिक्षण एवं अधिगम) अकादमी के अंतर्गत छह दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम का आयोजन 17 से 22 अगस्त तक किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के ब्लॉक-01 स्थित सीआईडीसी कक्ष, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग में किया जा रहा है।
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. संजय राठौर ने विशेषज्ञ अतिथि डॉ. एस सुरेश का स्वागत किया। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्यों की जानकारी देते हुए कहा कि इस छह दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों को आधुनिक तकनीकों एवं उभरते हुए तकनीकी क्षेत्रों से संबंधित नवीनतम ज्ञान प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. मुकेश तिवारी के मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशन में आयोजित किया जा रहा है।
उनके मार्गदर्शन में आयोजित इस संकाय विकास कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक तकनीकों, नवाचार एवं उभरते तकनीकी क्षेत्रों से जोड़ते हुए उनके ज्ञान एवं कौशल को और अधिक सशक्त बनाना है।
कार्यक्रम के प्रथम दिवस दो महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। प्रथम सत्र में ‘स्मार्ट ग्रिड एवं नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों की मूलभूत अवधारणाएं तथा द्वितीय सत्र में ‘ऊर्जा संक्रमण: पारंपरिक प्रणालियों से कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्मार्ट प्रणालियों की ओरÓ विषय पर प्रतिभागियों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कार्यक्रम के विशेषज्ञ वक्ता डॉ. एस. सुरेश, प्रोफेसर, मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल ने स्मार्ट ग्रिड, नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों, ऊर्जा संक्रमण तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्मार्ट प्रणालियों की उपयोगिता एवं संभावनाओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के बढ़ते प्रभाव तथा भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में स्मार्ट प्रणालियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
छह दिवसीय इस संकाय विकास कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को स्मार्ट ग्रिड, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा संक्रमण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा आधुनिक तकनीकी प्रणालियों से संबंधित नवीनतम ज्ञान एवं तकनीकी समझ प्रदान करना है, ताकि वे अपने शिक्षण, अनुसंधान एवं नवाचार कार्यों में इन तकनीकों का प्रभावी उपयोग कर सकें।
कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. प्रियंका झवर, प्राचार्य, पॉलीटेक्निक इंजीनियरिंग, सत्य साईं विश्वविद्यालय, सीहोर हैं, जबकि सह-समन्वयक त्रिवेणी सिंह, सहायक प्राध्यापक, श्री सत्य साईं विश्वविद्यालय, सीहोर हैं। कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती रुचि चौहान द्वारा किया गया। उनके प्रभावी संचालन एवं समन्वय से कार्यक्रम की गतिविधियां सुचारू एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हुईं। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार के संकाय विकास कार्यक्रम शिक्षकों को नवीनतम तकनीकी ज्ञान से जोड़ने के साथ-साथ उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, अनुसंधान, नवाचार एवं व्यावहारिक दक्षता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के आगामी दिनों में भी विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक इंजीनियरिंग, ऊर्जा प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं उभरती तकनीकों से संबंधित विभिन्न विषयों पर ज्ञानवर्धक एवं तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे।