कुबेरेश्वरधाम पर स्वयं महादेव विराजमान है-कथा वाचक पंडित देवकीनंदन ठाकुर
प्रतीक्षा अगर शबरी जैसी हो और विश्वास गुरु के शब्दों पर हो, तो भगवान को भी आना पड़ता है-अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा
साठ क्विंटल से अधिक हलवे का भोग लगाकर प्रसादी का वितरण, पांच क्विंटल फूलों से सजाया, धतूरा किया अर्पित

सीहोर, एमपी विश्वास न्यूज
सीहोर। गुरु केवल मार्ग नहीं दिखाते, वे वह दृष्टि देते हैं जिससे हम ईश्वर को देख सकें। मां शबरी का अपने गुरु मतंग ऋषि के प्रति अटूट विश्वास ही था, जिसने राम को उनकी कुटिया तक खींच लाया। श्रवण, सत्संग और जप का प्रभाव क्या होता है, माता शबरी को भगवान श्रीराम ने बताया था, श्रीराम ने माता शबरी से कहा कि मैं परीक्षा से नहीं मिलता मैं तो भरोसा और प्रतीक्षा से प्राप्त होता हूं। कहा जाता है कि जब ऋषि मतंग मृत्यु के निकट थे, तब वृद्धावस्था पा चुकीं शबरी ने उनसे पूछा कि आप जैसा ज्ञान, वैराग्य और प्रभु के दर्शन मुझे कैसे प्राप्त होंगे। ऋषि मतंग ने देह त्यागने से ठीक पहले उन्हें वरदान दिया कि नि:स्वार्थ सेवा के लिए तुम्हें न केवल प्रभु के दर्शन मिलेंगे, बल्कि भगवान राम खुद चलकर तुम्हारे पास आएंगे। तब से शबरी भगवान राम के आगमन की प्रतीक्षा में लग गयी थीं। उसके उपरांत उसकी मनोकामना पूरी हुई। उक्त विचार जिला मुख्यालय के समीपस्थ कुबेरेश्वरधाम पर जारी सात दिवसीय रुद्राक्ष महोत्सव के छठवे दिवस अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहे। देर रात्रि को समिति की ओर से पंडित समीर शुक्ला, पंडित विनय मिश्रा सहित अन्य ने बाबा का पांच क्विंटल से अधिक फूलों से विशेष श्रृंगार किया था, वहीं गुरुवार को फुलेरा दूज के मौके पर यहां पर करीब पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने धाम पर दर्शन किए।

श्रद्धालुओं को समिति की ओर से 200 क्विंटल से अधिक आटे की रोटी, 100 क्विंटल खिचड़ी, 90 क्विंटल से अधिक हलवे की प्रसादी और 20 क्विंटल नमकीन आदि की भोजन प्रसादी का वितरण किया।

रुद्राक्ष महोत्सव : फुलेरा दूज पर कुबेरेश्वरधाम में भक्तों का सैलाब, पांच क्विंटल फूलों से हुआ श्रृंगार
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि फुलेरा दूज के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जल और धतूरा अर्पित किया। मध्य रात्रि से ही श्रद्धालु धाम पर पहुंचने लगे थे और भजन-कीर्तन में लीन रहे। शुक्रवार को कथा सुबह आठ बजे आरंभ होगी। अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा में प्रतिदिन लाखों भक्त उपस्थित हो रहे हैं। उन्होंने अपने प्रवचन में कहा-अगर हमारे पास धन, समय और वस्तुएं हैं तो जरूरतमंदों की मदद करने में पीछे नहीं हटना चाहिए। परोपकार सबसे बड़ा पुण्य है।
व्यासपीठ पर पहुंचे कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहाकि कुबेरेश्वरधाम पर स्वयं महादेव विराजमान है, हमारे प्रिंय अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक प्रदीप मिश्रा का आदर करते हुए कहाकि कुबेरेश्वरधाम पर स्वयं महादेव विराजमान है, यहां पर भक्ति का महासागर उमड़ रहा है। पंडित मिश्रा की सरलता, दिव्यता और भव्यता उनके कर्म, आचरण और स्वभाव में झलकती है। उनके पुत्र पंडित राघव मिश्रा भी उनकी तरह विनम्र है। मैं कामना करता हूं कि जो नाम पंडित मिश्रा ने दुनिया में स्थापित किया उससे अधिक उनके पुत्र की कीर्ति बड़े।

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